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Mutual Fund Portfolio की सफाई: कब क्या हटाएं?

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Portfolio में हर Fund का कोई काम होना चाहिए—सिर्फ नाम देखकर जगह नहीं। Mutual Fund खरीदना बड़ा आसान है। एक Fund अच्छा लगा तो ले लिया। दूसरा किसी दोस्त ने बताया तो वो भी ले लिया। तीसरा YouTube पर चमका उसे भी Portfolio में जगह मिल गई। चौथा पिछले साल का Top Performer था और “इतना return दिया है तो कुछ तो बात होगी!” और पाँचवाँ इसलिए ले लिया क्योंकि App में “Invest Now” का button बहुत आकर्षक लग रहा था। 😄 कुछ साल बाद Portfolio खोलते हैं तो Funds की संख्या देखकर लगता है कि... “मैं Investor हूं या Mutual Fund का Distributor? ” समस्या सिर्फ Funds की संख्या नहीं है। कई बार Portfolio में ऐसे Funds पड़े रहते हैं जिनकी अब जरूरत नहीं है, कुछ पुराने उद्देश्य के लिए खरीदे गए थे, कुछ सिर्फ पिछले Return देखकर आए थे और कुछ दूसरे Funds का काम ही दोहरा रहे होते हैं। इसलिए कभी-कभी Portfolio में नया Fund जोड़ने से ज्यादा जरूरी पुराने Portfolio की सफाई करना होता है। लेकिन एक सवाल है... Portfolio की सफाई करें कैसे? कौन-सा Fund हटाएं? और कौन-सा सिर्फ इसलिए नहीं हटाना चाहिए क्योंकि उसने इस साल कम Return दिया है? ...

5 Funds होने पर भी Portfolio Diversified क्यों नही?

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 कभी-कभी निवेशक अपने Mutual Fund Portfolio को देखकर ऐसे खुश होते हैं, जैसे घर में पाँच बच्चे हों और सबकी शक्ल अलग-अलग हो। “मेरे पास पाँच Mutual Funds हैं भाई… पूरा diversification है!” यह आत्मविश्वास देखकर लगता है कि अब बाजार चाहे जितनी करवटें बदले, Portfolio साहब आराम से सोए रहेंगे। लेकिन Mutual Fund की दुनिया में असली कहानी Fund की संख्या से नहीं, उसके अंदर बैठे किरायेदारों से पता चलती है। बाहर से पाँच मकान अलग-अलग दिख सकते हैं, लेकिन अगर पाँचों में रहने वाले वही दस लोग हैं, तो इसे मोहल्ले का विस्तार कहेंगे या फिर बस लोगों का पता बदलना ? Funds पाँच… Diversification कहाँ? पाँच Funds देखकर इतना खुश क्यों हो जाते हैं हम? मान लीजिए आप किसी शादी में गए। वहाँ पाँच अलग-अलग काउंटर लगे हैं—“North Indian”, “South Indian”, “Chinese”, “Continental” और “Live Counter”। आप सोचते हैं कि आज तो खाने में मजा ही आ जाएगा, दबा के खाऊँगा। पहले काउंटर पर गए तो पनीर, दूसरे पर गए तो पनीर डोसा, तीसरे पर गए तो chilli paneer, चौथे पर paneer steak और पाँचवें पर paneer tikka live बन रहा है। अब काउंटर पाँच हैं,...

NAV क्या है और कैसे मिलता है? Mutual Fund में NAV की पूरी जानकारी

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सच्चाई तो ये है कि हम हों या आप, हर व्यक्ति म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने से पहले क्या सोचते हैं या यूं कहें कि Mutual Fund में पैसा लगाने के बाद निवेशक सबसे पहले क्या देखता है? NAV ! “Mutual Fund सब्जी मंडी नहीं है—कम NAV देखकर Fund को सस्ता मत समझिए।” और फिर शुरू होता है असली ज्ञान.... “भाई, मेरे Fund की NAV 50 रुपए है और दूसरे Fund की 500 रुपए। अपना वाला तो सस्ता है। 500 रुपए वाला तो बहुत महंगा होगा!” बस यहीं से Mutual Fund का गणित छोड़कर सब्जी मंडी वाला गणित शुरू हो जाता है। 20 रुपए किलो वाला आलू सस्ता है, 100 रुपए किलो वाला महंगा है यह बात आलू पर तो लागू हो सकती है, लेकिन Mutual Fund की NAV पर नहीं। तो आखिर NAV क्या है? कैसे निकलती है? निवेश करने पर कौन-सी NAV मिलती है? और क्या कम NAV वाला Mutual Fund सस्ता होता है? आइए बिना वित्तीय ज्ञान का चश्मा लगाए इसे समझते हैं। NAV क्या है? NAV का पूरा नाम है Net Asset Value आसान भाषा में कहें तो Mutual Fund की एक Unit की उस समय की कीमत को NAV कहते हैं। लेकिन यह कीमत ऐसे ही हवा में तय नहीं होती। Mutual Fund Scheme ने आपके और दूसरे निवेशकों से ...

म्यूचुअल फंड का भूत, भविष्य और वर्तमान: कैसा है?

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पुरानी डायरी का अगला पन्ना क्या कहता है? म्यूचुअल फंड का नाम सुनते ही दो तरह के लोग मिलते हैं। एक वो जिन्होंने SIP शुरू कर रखी है और हर महीने पैसे कटते देखकर खुद को Warren Buffett का दूर का रिश्तेदार समझने लगे हैं। दूसरे वो हैं जो बाजार 10% गिरते ही मोबाइल लेकर बैठ जाते हैं—“भाई, SIP बंद कर दूं क्या?” और मजेदार बात यह है कि दोनों एक ही आदमी भी हो सकता है। बाजार चढ़ा तो वही आदमी कहेगा “इक्विटी में लंबी अवधि का पैसा बनता है।” लेकिन अगर बाजार गिरा तो कहेगा “मुझे तो पहले से पता था, शेयर बाजार जुआ है।” यही म्यूचुअल फंड की असली कहानी है। समस्या हमेशा म्यूचुअल फंड में नहीं होती। कई बार समस्या उस आदमी में होती है जो 5, 000 रुपए की SIP शुरू करते समय 15 साल का सपना देखता है और पांच महीने बाद अपने पोर्टफोलियो में 500-700 रुपए कम देखकर अपना पूरा भविष्य ही बदल देता है। लेकिन सवाल फिर भी जायज है कि म्यूचुअल फंड आखिर आया कहां से? आज कहां खड़ा है? और आने वाले समय में इसका क्या होगा? चलिए थोड़ा पीछे चलते हैं। क्योंकि म्यूचुअल फंड का भूत भी कम दिलचस्प नहीं है। म्यूचुअल फंड का भूत: जब निवेश का मतलब FD औ...

Mutual Fund और शेयर पर Tax व Charges: कितना पैसा बचेगा?

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निवेश का Return जितना जरूरी है, Tax और Charges के बाद बचने वाला पैसा उससे भी ज्यादा जरूरी है। शेयर खरीदना हो या Mutual Fund में SIP शुरू करनी हो, आजकल यह काम इतना आसान हो गया है कि मोबाइल खोलिए, कुछ क्लिक कीजिए और निवेश शुरू। लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है जब निवेश बेचकर पैसा निकालने की बारी आती है। तब पता चलता है कि कमाई की पूरी थाली आपकी नहीं है। उसमें Tax भी बैठा है, Charges भी बैठे हैं और कुछ खर्च ऐसे हैं जो इतने चुपचाप आते हैं कि पता तब चलता है जब हिसाब लगाया जाता है। यानी... निवेश करना आसान है, लेकिन निवेश से वास्तव में कितना पैसा आपके पास बचेगा, यह समझना थोड़ा जरूरी है। क्योंकि 1 लाख रुपए  का निवेश 1.20 लाख रुपए हो गया, इसका मतलब यह नहीं कि आपके हाथ में पूरे 20,000 रुपए का मुनाफा आ गया। कहीं Tax है, कहीं Expense Ratio है, कहीं Exit Load है और शेयर बाजार में STT, Brokerage, GST और दूसरे charges भी अपनी-अपनी उपस्थिति दर्ज कराने आते हैं। तो आइए आज निवेश की इसी दूसरी तस्वीर को समझते हैं। Mutual Fund और शेयर पर Tax और Charges समझना क्यों जरूरी है? निवेश करते समय हम अक्सर एक ही ...