गिरते बाजार में SIP जारी रखें या निवेश बढ़ाएं?
बाजार की गिरावट डर भी लाती है और अवसर भी। फर्क सिर्फ नजरिए का होता है। सुबह-सुबह मोबाइल उठाया। आदत से मजबूर होकर सबसे पहले Mutual Fund ऐप खोल लिया। स्क्रीन पर हर तरफ लाल रंग ही लाल रंग। ऐसा लग रहा था जैसे बाजार ने हरा रंग इस्तेमाल करने की कसम ही छोड़ दी हो। Portfolio देखकर दिल की धड़कन थोड़ी तेज हुई, माथे पर हल्का पसीना आया और उंगली सीधे YouTube पर चली गई। वहाँ पहले से ही वीडियो तैयार थे—" Market Crash! अब क्या करें?", "SIP तुरंत बंद करें!", "इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट!"। उधर WhatsApp यूनिवर्सिटी वाले चाचा का मैसेज भी आ गया—"मैं तो पहले ही कह रहा था, बाजार अब खत्म है।" बस, इतना सुनना था कि कई निवेशकों का आत्मविश्वास Sensex से भी तेज नीचे आ गया। सच कहूँ तो बाजार से ज्यादा तेज अगर कुछ गिरता है, तो वह है हमारा आत्मविश्वास। सुबह तक जो निवेशक खुद को " Long Term Investor " बताते हैं, वही शाम तक Google पर खोज रहे होते हैं—"Mutual Fund बेचने का सही समय"। और अगर किसी दोस्त ने फोन करके कह दिया, "भाई, मैंने तो सब बेच दिया", तो...